एकतानगर में पहली बार गणतंत्र दिवस जैसी झांकी और सशस्त्र बलों की भव्य परेड का आयोजन

एकतानगर में पहली बार गणतंत्र दिवस जैसी झांकी और सशस्त्र बलों की भव्य परेड का आयोजन
Shubham Pandey JHBNEWS टीम,सूरत 2025-10-31 08:30:47

भारत की अस्मिता के शिल्पकार और लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में पूरे देश की निगाहें गुजरात के एकतानगर पर टिकी हैं। दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा "स्टैच्यू ऑफ यूनिटी" के सान्निध्य में इस वर्ष 31 अक्टूबर – राष्ट्रीय एकता दिवस का समारोह ऐतिहासिक और भव्य रूप धारण करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गौरवपूर्ण उपस्थिति में आयोजित होने वाला यह भव्य समारोह ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को साकार करेगा।

दिल्ली के गणतंत्र दिवस की तरह ‘यूनिटी परेड’

इस वर्ष के उत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण ‘यूनिटी परेड’ होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से वर्ष 2019 से सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती का राष्ट्रीय स्तर पर आयोजन एकतानगर में किया जा रहा है। इस वर्ष पहली बार दिल्ली के गणतंत्र दिवस परेड की तर्ज पर आयोजित होने वाली सशस्त्र बलों और पुलिस दस्तों की ‘मूविंग परेड’ लोगों के लिए एक नया अनुभव बनेगी। शौर्य, अनुशासन और देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत यह परेड राष्ट्र की संयुक्त शक्ति की झलक प्रस्तुत करेगी।

‘एकत्व’ थीम पर आधारित झांकी परेड

राष्ट्रीय एकता दिवस के इस भव्य समारोह में एक और नई पहल की गई है। दिल्ली में 26 जनवरी को होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह की तर्ज पर, इस बार पहली बार एकतानगर में भी सशस्त्र बलों और विभिन्न राज्यों द्वारा अपनी विशिष्टताओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाली झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी। ‘एकत्व’ थीम पर आधारित इन झांकियों में एनएसजी, एनडीआरएफ, अंडमान-निकोबार, छत्तीसगढ़, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, मणिपुर, पुडुचेरी और उत्तराखंड सहित कुल 10 झांकियां शामिल होंगी।

गुजरात की झांकी: अखंड भारत की गाथा

एकतानगर में आयोजित झांकी परेड में गुजरात सरकार द्वारा तैयार की गई झांकी मुख्य आकर्षण का केंद्र होगी, जो अखंड भारत के निर्माण में सरदार पटेल के अमूल्य योगदान को प्रदर्शित करेगी। गुजरात की झांकी का मुख्य भाग उस ऐतिहासिक क्षण को दर्शाएगा, जब सरदार वल्लभभाई पटेल ने महाराजा कृष्णकुमारसिंहजी के करकमलों से भावनगर रियासत का भारतीय गणराज्य में विलय कराया था, जिससे देश की एकता की नींव मजबूत हुई।

झांकी में सरदार पटेल की दृढ़ निर्णयशक्ति के प्रतीक के रूप में सोमनाथ मंदिर को दर्शाया गया है। साथ ही, कच्छ भूकंप के शहीदों की स्मृति में निर्मित भुज स्थित ‘स्मृतिवन’ को भी स्थान दिया गया है, जो गुजरात के साहस और दृढ़ता का प्रतीक है। इसके अलावा, गुजरात राज्य के वस्त्र और हीरा उद्योग जैसे स्थानीय क्षेत्रों की झलक प्रस्तुत कर राज्य की आर्थिक प्रगति को भी दर्शाया जाएगा।