चक्रवात ‘मोन्था’ आज शाम काकीनाडा तट से टकराएगा, ओडिशा समेत 4 राज्यों में भारी बारिश, 50,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया

चक्रवात ‘मोन्था’ आज शाम काकीनाडा तट से टकराएगा, ओडिशा समेत 4 राज्यों में भारी बारिश, 50,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया
khushbu Rajput JHBNEWS टीम,सूरत 2025-10-28 12:34:56

चक्रवाती तूफान मोन्था एक भीषण चक्रवाती तूफान में बदल गया है। यह वर्तमान में मछलीपट्टनम से लगभग 190 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में केंद्रित है। इसका प्रभाव आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, बंगाल और ओडिशा के जिलों में महसूस किया जा रहा है।

इन राज्यों में 90 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएँ चल रही हैं। मौसम विभाग का कहना है कि लैंडफॉल के दौरान 5 मीटर (16 फीट) ऊँची लहरें उठने की संभावना है।

चक्रवात मोन्था आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ रहा है और 28 अक्टूबर की शाम या रात को काकीनाडा के पास पहुँच सकता है। चार राज्यों के तटीय क्षेत्रों से 50,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है। दक्षिण मध्य रेलवे (एससीआर) ने विजयवाड़ा मंडल के अंतर्गत चलने वाली 54 ट्रेनों को रद्द कर दिया है।

आंध्र प्रदेश के काकीनाडा तट पर सबसे पहले पहुँचेगा

मौसम विभाग के अनुसार, काकीनाडा-मछलीपट्टनम तट के पास पहुँचते ही यह और तेज़ हो जाएगा। चक्रवात मोन्था के आने से काकीनाडा में समुद्र की लहरें तेज़ हो गई हैं। यह वर्तमान में मछलीपट्टनम से लगभग 190 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में केंद्रित है। मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात के प्रभाव से अगले तीन दिनों तक केरल, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और झारखंड में बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात के प्रभाव से देश के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों के 9 राज्यों - आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और झारखंड में अगले तीन दिनों तक बारिश हो सकती है।

सोमवार को चक्रवात के प्रभाव से छत्तीसगढ़ और झारखंड में भारी बारिश हुई। मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के कई जिलों में भी बारिश हुई। थाईलैंड ने इसे "मोन्था" नाम दिया, जिसका थाई भाषा में अर्थ सुगंधित फूल होता है।