सूरत सिविल अस्पताल में चमत्कार: मौत के बाद फिर धड़क उठा मरीज का दिल, डॉक्टर भी हैरान

सूरत सिविल अस्पताल में चमत्कार: मौत के बाद फिर धड़क उठा मरीज का दिल, डॉक्टर भी हैरान
Anjali Singh JHBNEWS टीम,सूरत 2025-10-27 15:07:57

सूरत सिविल अस्पताल में हुआ यह मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया है। अंकलेश्वर निवासी राजेश पटेल को गंभीर हालत में सूरत सिविल अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसकी जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया। लेकिन हालत लगातार बिगड़ती चली गई और अंततः डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने अस्पताल के डॉक्टरों और मरीजों के परिजनों दोनों को झकझोर कर रख दिया है। जाने विस्तार से पूरी घटना 


डॉक्टरों के अनुसार, राजेश पटेल का दिल पूरी तरह से बंद हो गया था, उसकी सांसें थम चुकी थीं और सभी चिकित्सकीय संकेत मौत की पुष्टि कर रहे थे। इसके बाद मेडिकल टीम ने मरीज को ECG करने के बाद "स्टेट लाइन" आ गया डॉक्टर ने मरीज को मृत घोषित कर दिया। परंतु, इस घटना के लगभग 15 मिनट बाद एक अप्रत्याशित चमत्कार हुआ और राजेश पटेल के शरीर में हलचल दिखाई दी और उसका दिल फिर से धड़कने लगा।

सिविल अस्पताल के उमेश चौधरी (CMO) का कहना है कि यह घटना मेरे करियर का सबसे अद्भुत और अविश्वसनीय अनुभव है। “मेरे 30 साल के अनुभव में यह पहली बार हुआ है कि किसी मरीज को स्टेट लाइन घोषित करने के बाद वह दोबारा जीवित हो उठा। हमने कई बार कार्डियक अरेस्ट के मामलों में CPR (Cardio Pulmonary Resuscitation) दिया है, लेकिन इस तरह अपने आप दिल का धड़कना शुरू हो जाना अत्यंत दुर्लभ है।”

मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, राजेश पटेल को गंभीर हार्ट फेल्योर की समस्या थी और उनकी स्थिति लगातार नाजुक बनी हुई थी। डॉक्टरों ने सभी आवश्यक दवाइयां और उपचार दिए, लेकिन स्थिति नियंत्रण में नहीं आई। इसके बाद जब उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दिखाई, तब टीम ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हालांकि, कुछ ही देर में मरीज के शरीर में हलचल देखी गई और मॉनिटर पर फिर से हार्टबीट दिखने लगी।

वर्तमान में राजेश पटेल को आईसीयू (ICU) में रखा गया है और डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है। सिविल  अस्पताल में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है और कई लोग इसे एक “ईश्वरीय चमत्कार” मान रहे हैं। वहीं डॉक्टरों ने कहा है कि फिलहाल मरीज की हालत स्थिर है, लेकिन उसे अगले कुछ दिनों तक विशेष चिकित्सा निगरानी में रखा जाएगा।