सुरत में BNS 2023 के तहत पहली सजा: पांच साल की बच्ची से रेप के दोषी को उम्रकैद

सुरत में BNS 2023 के तहत पहली सजा: पांच साल की बच्ची से रेप के दोषी को उम्रकैद
Anjali Singh JHBNEWS टीम,सूरत 2025-10-14 16:33:51

भारतीय कानून के इतिहास में हाल ही में लागू हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) – 2023 के तहत सूरत की विशेष अदालत ने एक बेहद महत्वपूर्ण और मिसाल कायम करने वाला फैसला सुनाया है। इस नए कानून के तहत सुरत शहर में दर्ज बलात्कार के पहले मामले में आरोपी को जीवन पर्यंत कारावास की कठोर सजा सुनाई गई है। आरोपी ने एक पांच वर्षीय बच्ची को निशाना बनाया था।

नए कानून के तहत दर्ज सुरत का पहला अपराध

संपूर्ण भारत में 1 जुलाई 2024 को नया भारतीय न्याय संहिता – 2023 लागू हुआ। इसके लागू होने के केवल दूसरे ही दिन, यानी 2 जुलाई 2025, को सुरत शहर के डिंडोली पुलिस स्टेशन में बलात्कार का यह गंभीर मामला दर्ज हुआ।

घटना के विवरण के अनुसार, आरोपी सुरेश उर्फ सलमान रामभाऊ गोस्वामी (37 वर्ष, नवागाम, डिंडोली) ने पांच वर्षीय बच्ची को निशाना बनाया। आरोपी ने बच्ची को बिस्किट देने के बहाने अपने घर बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया।

बच्ची के माता-पिता दिन में नौकरी पर जाते थे, इसलिए बच्ची अपने दादा-दादी के पास रहती थी। आरोपी, बच्ची के पड़ोस में रहता था और परिवार से अच्छी तरह परिचित था। इस परिचय का फायदा उठाकर उसने बच्ची को अपने घर ले जाकर अपराध किया। जब बच्ची लापता हुई, तो दादा-दादी उसकी तलाश में आरोपी के घर पहुंचे और बच्ची को लहूलुहान और भयभीत अवस्था में पाया। परिवार ने तुरंत बच्ची को आरोपी की पकड़ से छुड़ाया, लेकिन आरोपी घर से फरार हो गया। सुरत पुलिस ने कुछ ही घंटों में उसकी गिरफ्तारी कर ली।

जांच और सबूत

नए BNS 2023 कानून के तहत सुरत पुलिस ने समय पर और मजबूत सबूत एकत्र करने के लिए तेज कार्रवाई की। जांच में पुलिस ने वीडियोग्राफी और पंचनामों के माध्यम से सभी सबूत दर्ज किए, जो अदालत में निर्णायक साबित हुए। इसके अलावा, पुलिस ने महत्वपूर्ण गवाहों के बयान भी सावधानीपूर्वक दर्ज किए। इनमें से चार गवाहों के बयान BNS 2023 की धारा 183 के तहत विशेष अदालत में दर्ज किए गए, जिसने केस को और मजबूत बनाया। कुल 25 गवाहों की पूछताछ की गई और केवल 16 दिनों में 240 पृष्ठों की विस्तृत चार्जशीट तैयार की गई।

अदालत का फैसला

सूरत की फास्ट ट्रैक विशेष अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया। उसे BNS 2023 की धारा 65(2) के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इसके अलावा POCSO एक्ट के तहत 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जो न भरने पर अतिरिक्त 2 साल की साधारण कारावास भुगतनी होगी।

नोट: यह कड़ा और तेज फैसला दर्शाता है कि BNS 2023 कानून के तहत बच्चों और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में अब कोई ढील नहीं रहेगी।