सूरत प्रदूषण नियंत्रण मॉडल अर्थशॉट 2025 के फाइनलिस्ट हुआ
सूरत : गुजरात के सूरत को अर्थशॉट पुरस्कार 2025 के फाइनलिस्टों में से एक चुना गया है। यह एक ऐसी पहल है जो वायु प्रदूषण को कम करते हुए उद्योगों को विकसित होने की अनुमति देती है।
दिल्ली में प्रदूषण के वजन से हर साल लाखो लोग बीमार पड़ जाते है, लेकिन सूरत अपने अनोखे Pollution Trading Market के जरिए लोगो को शुद्ध हवा प्रदान कर रहा है. बढ़ती फैक्ट्रियों के बावजूद भी सूरत सिटी ने कर दिखाया है. इसी के कारण सूरत Earthshot Prize 2025 के फाइनलिस्ट के रूप में पहुंच गया है.
सूरत कपडा उद्योग और डायमंड उद्योग के लिए विश्व में प्रख्यात है. अब लाखो कम्पनियाँ चलती रहती है ऐसे में हवा का प्रदूषण होना आम बात है. एक समय था की सूरत का आसमना धुवा से भरा होता था. लोग बीमार पड़ जाते थे. इसके साथ ही बच्चो के सेहत पर भी बुरा असर पड़ने लगा था। उसके बाद सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया, गुजरात सरकार ने यूनिवर्सिटी ऑफ़ शिकागो के ईपीआईसी इंडिया और गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ मिलकर एमिशन ट्रेडिंग स्कीम बनाया
यह बाज़ार राज्य के उद्योगों और बिजली संयंत्रों को CO2 परमिट का व्यापार करने की अनुमति देता है और एक समग्र कैप सरकार को जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने के लिए एक लचीला साधन प्रदान करता है। एक हालिया अध्ययन में पाया गया कि इस योजना ने सहभागी उद्योगों में प्रदूषण को 20-30% तक कम किया।
सूरत में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए गुजरात की उत्सर्जन-व्यापार योजना को 2025 अर्थशॉट पुरस्कार के लिए 'क्लीन आवर एयर' श्रेणी में फाइनलिस्ट चुना गया है। यह पहल सूरत में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुई थी, जिसमें उद्योगों को उत्सर्जन परमिट खरीदने और बेचने की अनुमति दी गई, जिसके परिणामस्वरूप कण प्रदूषण में 20-30% की कमी आई है.