सूरतः उधना स्थित भाजपा कार्यालय में बेकाबू मारपीट, आक्रोशित कार्यकर्ता ने कोषाध्यक्ष को जड़ा थप्पड़
सूरत शहर के उधना स्थित भाजपा कार्यालय में सरेआम मारपीट का मामला सामने आया है। इसमें एक भाजपा कार्यकर्ता और पार्टी कोषाध्यक्ष के बीच हाथापाई के बाद आक्रोशित कार्यकर्ता ने कोषाध्यक्ष को थप्पड़ मार दिया। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है।
इस संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार, उधना स्थित भाजपा कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ता दिनेश सावलिया और कोषाध्यक्ष शैलेश जरीवाला के बीच हाथापाई हो गई। इस दौरान कार्यालय में मौजूद अन्य कार्यकर्ता भी सहम गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सूरत भाजपा कार्यालय में भाजपा कार्यकर्ता दिनेश सावल्या की चाय-नाश्ते को लेकर कार्यालय के चपरासी के साथ कहासुनी हो गई थी। चपरासी ने इस बात की सूचना भाजपा के कोषाध्यक्ष शैलेश जरीवाला को दी। इसके बाद शैलेश जरीवाला और दिनेश सावल्या के बीच बहस बढ़ गई। इस दौरान दिनेश सावल्या ने शैलेश जरीवाला को थप्पड़ मार दिया। इस घटना पर शहर अध्यक्ष परेश पटेल ने कहा कि दोनों को नोटिस जारी किया गया है और तीन दिनों के भीतर दोनों को लिखित में जवाब देना होगा। जो दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
“मैं कोषाध्यक्ष हूं, मुझे सब देखना है”
भाजपा सूत्रों के अनुसार, शैलेश जरीवाला ने दिनेश सावल्या से कहा था कि “मैं कोषाध्यक्ष हूं, मुझे सब देखना है, यहां ज्यादा घूमने की जरूरत नहीं है।” इस दौरान शैलेश जरीवाला ने दिनेश सावल्या को धक्का दिया और अपशब्द कहे। इससे गुस्से में आकर दिनेश सावल्या उग्र हो गए और दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। भाजपा सूत्रों के मुताबिक, दिनेश सावल्या को लेकर पार्टी कार्यालय में पहले भी कई शिकायतें मिल चुकी हैं।
इस मामले में शहर प्रमुख परेश पटेल ने तत्काल कार्रवाई की है। उन्होंने आधिकारिक रूप से बताया कि शैलेष जरीवाला और दिनेश सवालिया को इस गंभीर कृत्य के लिए नोटिस जारी किया गया है। दोनों कार्यकर्ताओं को तीन दिनों के भीतर इस मामले में लिखित जवाब देना होगा। परेश पटेल ने आश्वासन दिया है कि अगर जांच में दोनों दोषी पाए जाते हैं, तो पार्टी उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी।
महत्वपूर्ण बात यह है कि कार्यकर्ता दिनेश सवालिया का पहले भी भाजपा कार्यालय में कई बार विवादित व्यवहार रहा है। पूर्व शहर प्रमुख निरंजन झांझमेरा को भी दिनेश सवालिया के व्यवहार को लेकर लगभग 4 बार शिकायतें मिली थीं।