बिहार में चुनाव की घोषणा के साथ आचार संहिता लागु,चुनाव आयोग ने जारी किए सख्त निर्देश

बिहार में चुनाव की घोषणा के साथ आचार संहिता लागु,चुनाव आयोग ने जारी किए सख्त निर्देश
Khushbu rajput JHBNEWS टीम,सूरत 2025-10-08 14:59:13

पटना : बिहार में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ राज्य में आदर्श आचार सहिंता लागु कर दिया गया है. आचार सहिंता का उद्देश्य होता है चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी कराना। आपको बता दे की आगामी तारीख 6 नवम्बर और 11 नवम्बर को बिहार में दो चरणों में चुनाव होने वाला है. और मतगणना 14 नवम्बर हो होने वाला है। आचार संहिता बिहार के लिए केंद्र सरकार की घोषणाओं और नीतियों पर भी लागू होगी।

आचार संहिता के नियम :

इसीआई ने 6 अक्टूबर, 2025 यानी सोमवार को बिहार विधान सभा के आम चुनाव के तारीखों की घोषणा की। इसके साथ ही भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार के मुख्य सचिव और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को राज्य में एमसीसी तत्काल लागू करने के संबंध में निर्देश दिए है. चुनाव आयोग ने सरकारी, सार्वजनिक और निजी संपत्तियों पर लगे बैनर, पोस्टर हटाने, सरकारी वाहनों और आवास के दुरुपयोग पर रोक, और सार्वजनिक खर्चे पर विज्ञापनों पर पाबंदी सुनिश्चित की जाएगी।

आचार संहिता के दौरान नागरिको के निजी निजता का सम्मान किया जायगा इसके साथ ही किसी भी व्यक्ति के निजी घर के बाहर प्रदर्शन या धरना नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा बिना घर के मालिक की भूमि, इमारत पर झंडे, बैनर या पोस्टर नहीं लगाना है. 

इसीआई आचार संहिता के नियम के तहत शिकायत निवारण तंत्र की स्थपना की गई है, इसमें एक कॉल नंबर शामिल किया गया है,शिकायत दर्ज करने के लिए 1950 नंबर पर आप कॉल कर सकते है यह 24×7 चालू रहने वाला है. इस पर कोई भी आम जनता और राजनीतिक दल जिला निर्वाचन अधिकारी  से शिकायत कर सकते हैं।

अगर कही भी आचार संहिता का उल्लंघन होता है तो उसकी शिकायत आप  C-Vigil ऐप के जरिए कर सकते है. राज्य में कुल 824 फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए गए हैं. इसके साथ ही 100 मिनट के अंदर ही शिकायतों पर  कार्रवाई की जाएगी 

राजनितिक दलों को सभाओं और जुलूसों के लिए पहले ही पुलिस को सूचित करना होगा ताकि ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था की जा सके। जिसे आम जनता इसे परेशान न हो. लाउडस्पीकर और अन्य सुविधाओं के लिए भी पहले अनुमति लेनी होगी। 

मंत्री चुनाव प्रचार के सरकारी संसाधन, कर्मचारी, वाहन का उपयोग नहीं कर सकते है. 

चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है की चुनाव के साथ जुड़े किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का स्थानांतर नहीं होगा 

निर्वाचन आयोग ने ये भी आदेश दिया है की सभी ऑफिसर्स को निष्पक्ष व्यवहार करना होगा,सभाओं, जुलूसों और मतदान की व्यवस्था में सभी के लिए पारदर्शी और निष्पक्ष हो. कानून-व्यवस्था बनाए रखने और चुनाव की विश्वसनीयता सुनिश्चित करनी होगी।

मैदान और हेलीपैड जैसे सार्वजनिक स्थान सभी दलों को समान शर्तों पर मिलेंगे। इसके लिए 'सुविधा' मॉड्यूल शुरू किया गया है, जहां पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर आवेदन स्वीकार होंगे।