सूरत : दशहरा उत्सव से पहले स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई, फरसाण व्यापारियों के यहाँ सरप्राइज चेकिंग
सूरत हर साल दशहरे पर में फरसाण और मिठाइयों की बिक्री बढ़ जाती है। दशहरा और सूरत का एक अटूट रिश्ता है। हर साल दशहरे के दिन सूरतवासी हज़ारों किलो फाफड़ा और जलेबी खा जाते हैं। लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए,स्वास्थ्य विभाग ने सूरत में फरसाण विक्रेताओं के यहाँ छापे मारे हैं।
सूरत में दशहरा का मतलब फाफड़ा-जलेबी है, जिसके बिना यह त्योहार अधूरा-अधूरा सा लगता है। दशहरा उत्सव के अवसर पर सूरत में लाखों टन फाफड़ा और जलेबी की बिक्री होती है। इसी बीच, स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने शहर के विभिन्न इलाकों में फरसाण व्यापारियों के यहाँ सरप्राइज चेकिंग की हैं। इस बार लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, स्वास्थ्य विभाग ने एक विशेष अभियान चलाया है।
उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को सीधे तौर पर प्रभावित करने वाले इन खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना ज़रूरी है, जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। स्वास्थ्य टीम ने फाफड़ा-जलेबी विक्रेताओं के यहाँ छापेमारी कर नमूने एकत्र किए हैं और इन नमूनों को सील करके आगे की जाँच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
इन नमूनों की प्रयोगशाला में जाँच की जाएगी कि कहीं इनमें लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक कोई चीज़ तो इस्तेमाल नहीं की गई है? आमतौर पर त्योहारों के दौरान बढ़ती माँग के कारण व्यापारी अक्सर गुणवत्ता से समझौता कर लेते हैं, जिसे रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। अगर प्रयोगशाला में नमूनों की रिपोर्ट नेगेटिव आती है, तो व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इन व्यापारियों पर जुर्माना, दुकान सील करने की कार्रवाई या कानूनी मामला भी दर्ज किया जा सकता है।