सूरत में विवाहिता की आत्महत्या से भड़का मायका पक्ष, 19 पर दंगे का मुकदमा, 10 गिरफ्तार
सूरत के परवत गाँव के बजरंगनगर इलाके में 26 सितंबर को 29 वर्षीय विवाहित महिला मोनिका सोबन बाबू पामुला की आत्महत्या की घटना के बाद भारी तनाव की स्थिति पैदा हो गई। मृतका के मायके पक्ष के लोगों ने ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाते हुए 27 सितंबर को हिंसक हमला किया।
लिंबायत पुलिस कार्रवाई
गुस्से से भरी भीड़ ने सबसे पहले मृतका के पति सोबन बाबू और उसकी बहन को सार्वजनिक रूप से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही लिम्बायत पुलिस की जनरक्षक वैन मौके पर पहुँची और पिटाई से घायल पति और ननद को बचाकर पुलिस वैन में बैठाने का प्रयास किया। लेकिन मायके पक्ष की लगभग 50 महिलाओं समेत उग्र भीड़ ने पुलिस कार्रवाई में बड़ा अवरोध खड़ा कर दिया।
मायके वालों ने पुलिस वैन को चारों तरफ से घेर लिया। महिलाएँ पुलिस वैन के सामने बैठ गईं और एक महिला तो सड़क पर ही लेट गई, जिसके कारण पुलिस वैन आगे नहीं बढ़ पाई। गुस्साई भीड़ ने जनरक्षक वैन के दरवाजे खोलकर अंदर घुसने की कोशिश की। आखिरकार, भीड़ ने पुलिस की गाड़ी से मृतका के पति सोबन बाबू और उसके साथ मौजूद एक बच्ची को खींचकर जमकर पीटा। इस दौरान कुछ लोग पुलिस वैन का दरवाजा तोड़ने का प्रयास भी करते देखे गए।
19 पर दंगा करने का केस, 10 आरोपी गिरफ्तार
इस गंभीर घटना के बाद लिम्बायत पुलिस ने ज्योत्सना सतीश चिन्ना की शिकायत के आधार पर महिलाओं सहित 19 से अधिक लोगों के खिलाफ दंगा करने और सरकारी कामकाज में बाधा डालने का मामला दर्ज किया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें दो महिला आरोपी भी शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए ज्यादातर आरोपी मूल रूप से तेलंगाना राज्य के निवासी हैं। पुलिस ने कानूनी कार्रवाई करते हुए अन्य फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए जांच शुरू कर दी हैl